याद और मुलाकात









चाँद-तारों की बात बहुत हो गई, गुलाबों के महक से आघात बहुत हो गई, खूबसूरती की बात और आँखों से शिकार बहुत हो गई, चाँद तारों की बात बहुत हो गई । बिना मिले आपसे जिंदगी बहुत हो गई, बीते लम्हों पर जिंदगी बहुत हो गई, सिर्फ मुलाकातों की यादों पर जिंदगी बहुत हो गई, चाँद-तारों की बात बहुत हो गई । बहुत हो गई यें बातें, बहुत हो गई, अब यादों की लम्हें को और याद चाहिए, जिंदगी को जिंदा करने को और मुलाकात चाहिए, आप हमारे पास हो ऐसा हर लम्हा चाहिए आप हमारे पास हो ऐसा हर लम्हा चाहिए.. चाँद-तारों की बात बहुत हो गई, सिर्फ मुलाकातों की यादों पर जिंदगी बहुत हो गई
सिर्फ मुलाकातों की यादों पर जिंदगी बहुत हो गई.....

By : O S


(This is for friends and loved ones)




                        

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